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मशहूर शायर राहत इंदौरी नही रहें, शोक में डूबे लाखों करोड़ों फैन्स

एक गंभीर शायर होने के साथ साथ युवा पीढ़ी की नब्ज़ को कैसे थाम लेते थे, इसका अंदाज़ा आप इससे लगा सकते हैं कि उनकी कविता बुलाती है मगर जाने का नहीं तमाम सोशल प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गई

 

जाने माने शायर और गीतकार राहत इंदौरी का निधन हो गया है. वो कोरोना संक्रमित होने के बाद इंदौर के एक अस्पताल में भर्ती थे.बता दे कि इंदौर के श्री ऑरविंदो अस्पताल के डॉक्टर विनोदी भंडारी ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि मंगलवार को उन्हें दो बार दिल का दौरा पड़ा और उन्हें बचाया नहीं जा सका. डॉक्टर भंडारी ने बताया कि उन्हें 60 प्रतिशत निमोनिया था.

राहत इंदौरी ने मंगलवार सुबह ही ट्विटर पर अपने कोरोना संक्रमित होने की जानकारी दी थी. मंगलवार को इसी एकाउंट से उनकी मृत्यु की सूचना दी गई. शुरैह नियाजसंभवतः राहत इंदौरी के बेटे ने ये ट्वीट किया है.

राहत इंदौरी ने इससे पहले मंगलवार की सुबह अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा था, “कोविड के शुरुआती लक्षण दिखाई देने पर कल मेरा कोरोना टेस्ट किया गया, जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. ऑरविंदो हॉस्पिटल में एडमिट हूं, दुआ कीजिए जल्द से जल्द इस बीमारी को हरा दूं.”

मालूम हो कि राहत इंदौरी का जन्म एक जनवरी, 1950 को हुआ था. इंदौर के ही नूतन स्कूल से उन्होंने हायर सेकेंडरी की पढ़ाई पूरी की. इंदौर के ही इस्लामिया करीमिया कॉलेज से ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय से एमए किया. वे पिछले करीब 45 सालों से मुशायरे और कवि सम्मेलनों की जान बने हुए थे. उनकी लोकप्रियता का आलम ये था कि उन्हें भारत ही नहीं दुनिया के अन्य हिस्सों से भी निमंत्रण मिलते रहते थे.

राहत इंदौरी ने बॉलीवुड की फिल्मों के लिए भी कुछ चर्चित गीत लिखे थे. इसमें घातक फिल्म की कोई जाए तो ले आए, इश्क फिल्म की नींद चुराई मेरी तुमने वो सनम और मुन्नाभाई एमबीबीएस के एम बोले तो मुन्ना भाई एमबीबीएस जैसे लोकप्रिय गीत शामिल हैं. वे एक गंभीर शायर होने के साथ साथ युवा पीढ़ी की नब्ज़ को कैसे थाम लेते थे, इसका अंदाज़ा आप इससे लगा सकते हैं कि उनकी कविता बुलाती है मगर जाने का नहीं तमाम सोशल प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गई.

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