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विकास दुबे के एनकाउंटर पर शुरू हुई राजनीति, विपक्षी नेताओं ने उठाए ये बड़े सवाल!

पुलिस ने बताया कि 'प्रदेश की स्पेशल टास्क फ़ोर्स विकास को उज्जैन से सड़क के रास्ते कानपुर लेकर जा रही थी जब गाड़ी पलट गई. अभियुक्त ने भागने की कोशिश की तो पुलिस को गोली चलानी पड़ी.'

कानपुर शूटआउट के मुख्य आरोपी विकास दुबे के एनकाउंटर पर राजनीति शुरू हो गई है. विपक्षी नेताओं ने एनकाउंटर पर सवाल उठाए हैं. उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने विकास दुबे की मौत पर एक ट्वीट किया है जिसमें लिखा है, “दरअसल ये कार नहीं पलटी है, राज़ खुलने से सरकार पलटने से बचाई गयी है.”

दरअसल उत्तर प्रदेश पुलिस ने दावा किया है कि ‘कानपुर लाये जाते समय पुलिस के काफ़िले की एक गाड़ी पलटने पर गैंगस्टर विकास दुबे ने मौक़े से भागने की कोशिश की जिसके बाद मुठभेड़ में विकास की मौत हो गई.’

गुरुवार दोपहर बाद विकास दुबे की मध्य प्रदेश के उज्जैन से गिरफ़्तारी दिखाई गई थी जिसके बाद उत्तर प्रदेश पुलिस की एक टीम उन्हें उज्जैन से कानपुर लेकर लौट रही थी.

पुलिस ने बताया कि ‘प्रदेश की स्पेशल टास्क फ़ोर्स विकास को उज्जैन से सड़क के रास्ते कानपुर लेकर जा रही थी जब गाड़ी पलट गई. अभियुक्त ने भागने की कोशिश की तो पुलिस को गोली चलानी पड़ी.’

पुलिस के दावे के बाद कई राजनेताओं ने दुबे की गिरफ़्तारी से लेकर मौत तक के बारे में कई सवाल करते हुए बताए जा रहे घटनाक्रम पर संदेह ज़ाहिर किया.

कांग्रेस पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया है, ‘अपराधी का अंत हो गया, अपराध और उसको सरंक्षण देने वाले लोगों का क्या?’

शिवसेना नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने लिखा, ”न रहेगा बाँस, न बजेगी बाँसुरी.”

कांग्रेस के दिग्विजय सिंह ने ट्वीट किया, ”यह पता लगाना आवश्यक है विकास दुबे ने मध्यप्रदेश के उज्जैन महाकाल मंदिर को सरेंडर के लिए क्यों चुना? मध्यप्रदेश के कौन से प्रभावशाली व्यक्ति के भरोसे वो यहाँ उत्तर प्रदेश पुलिस के एनकाउंटर से बचने आया था?”

जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ़्रेंस के नेता उमर अब्दुल्लाह ने ट्वीट किया, ”मरे हुए आदमी कोई कहानी नहीं सुनाते हैं.”


जस्टिस मार्केंडय काटजू ने लिखा, ”इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस एएन मुल्ला ने एक फ़ैसले में कहा था- मैं पूरी ज़िम्मेदारी से ये बात कहना चाहता हूं कि पूरे देश में एक भी ऐसा आपराधिक गैंग नहीं है, जिसके अपराध क्रिमिनल्स के संगठित रूप जिसे हम इंडियन पुलिस फ़ोर्स के नाम से जानते हैं, उनके क़रीब भी नज़र आएं.”


गीतकार स्वानंद किरकिरे ने भी इस घटना पर ट्वीट किया है. उन्होंने लिखा है, ”कोई लेखक ऐसा सीन लिख दे तो बोलेंगे बड़ा फिल्मी है.”

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