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इमोशनल कर देने वाली सुशांत सिंह राजपूत की आखिरी फ़िल्म ‘दिल बेचारा’ का ट्रेलर रिलीज

यूट्यूब अपलोड होने के शुरुआती दो घंटे में ही करीब 5 लाख लोगों ने इसे देख लिया. ये फिल्म 24 जुलाई को ओटीटी प्लेटफॉर्म डिज्नी प्लस हॉटस्टार पर रिलीज होगी.

 

अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की आखिरी फिल्म ‘दिल बेचारा’ का ट्रेलर सोमवार यानी आज रिलीज हो गया हैं उनके फैंस इसका इंतजार बड़ीबेसब्री से कर रहे थे. इसे लेकर इतनी दीवानगी थी कि यूट्यूब अपलोड होने के शुरुआती दो घंटे में ही करीब 5 लाख लोगों ने इसे देख लिया. ये फिल्म 24 जुलाई को ओटीटी प्लेटफॉर्म डिज्नी प्लस हॉटस्टार पर रिलीज होगी.

दिल बेचारा फ़िल्म सुशांत सिंह राजपूत की आखिरी फ़िल्म है, लेकिन उनके दर्शकों के लिए उनकी कुछ फिल्में में ही उन्हें मरने नहीं देंगी क्योंकि इंसान तब तक नहीं मरता जब तक लोग उसे भूल नहीं जाते. और सुशांत सिंह राजपूत मरे नहीं है वो तो आज भी जिंदा हम सबके दिलों में, आपको यकीन न हो तो आप खुद से पूछ लीजिए क्या आप उन्होंने भूल गए हैं ? आपका जवाब होगा नहीं! तो आप ही बताइए है न सुशांत सिंह हम सबके दिलों में.

अब बात करें उनकी फिल्म ‘दिल बेचारा’ की तो ये फ़िल्म फॉल्ट इन आवर स्टार्स उपन्यास के ऊपर आधारित फिल्म है. जहां एक कैंसर सपोर्ट ग्रुप में दो यंग लड़का-लड़की प्यार में पड़ते हैं. उसके उपरांत फ़िल्म की कहानी अपने अनुकूल अग्रसर होती हैं. बता दें कि इस उपन्यास पर इससे पहले हॉलीवुड में इस उपन्यास के नाम से ही फिल्म बन चुकी है जो बहुत शानदार बनी है.

‘दिल बेचारा’ फिल्म के कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबरा ने बतौर डायरेक्टर काम करके इस फ़िल्म को बहुत शानदार बनाया हैं. ये फ़िल्म एक नजर में आपको भा जाएगी. जब तक आप 2 मिनट 18 सेकेंड तक नहीं पहुंचते हैं. ट्रेलर में उनके कई बेहतरीन डायलॉग्स हैं, जिसके माध्यम से वे फिल्म में कैंसर से जूझ रही एक्ट्रेस संजना सांघी को हंसाने और उनका दुख कम करने की कोशिश करते हैं

ट्रेलर में सुशांत का पहला डायलॉग है, ‘तुम्हारा नाम किस ने रखा.. किसी..’ तब संजना बताती हैं कि ‘मेरा नाम किजी है’. आगे संजना कहती हैं, ‘तुम सेफ नहीं लगते, सीरियल किलर टाइप के लगते हो’. तो जवाब में सुशांत कहते हैं… ‘मैं सीरियल किलर, तुम सीरियल किसर, क्या जोड़ी है.’ सुशांत का एक और डायलॉग है, ‘एक था राजा एक थी रानी, दोनों मर गए खत्म कहानी…पर ये कहानी अधूरी है इसे पूरा वो राजा और रानी करते हैं.’ इसके अतिरिक्त एक और डायलॉग में वे कहते हैं,’जनम कब लेना है और मरना कब है हम डिसाइड नहीं कर सकते, पर कैसे जीना है वो हम डिसाइड कर सकते हैं. सेरी किजी बास! मुझे इस फ़िल्म में सुशांत फिमेल लीड संजना संघी से ज्यादा प्रभावित करते हैं.

इस फ़िल्म में सुशांत में एक बार फिर से शुद्ध देसी रोमांश वाली चुलबुलाहट और खुरापाती हरकतें नजर आ रही है. वो जब-जब फ्रेम में आते हैं, शानदार लगते हैं वही संजना शुरू से लेकर लास्ट तक कहीं भी कैंसर पेंसेंट सी नहीं लगती है. बाकी इस फिल्म में केमेस्ट्री का होना बहुत जरूरी था और वो दिखती है साथ ही एआर रहमान का म्यूजिक है, जो सुकून देने वाला है.

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