BANNER NEWSBREAKING NEWSउत्तर प्रदेशकोरोना वायरसछत्तीसगढ़दिल्लीदेशपंजाबप्रदेशबिहारमध्य प्रदेशमहाराष्ट्रराजस्थानव्यापारशहरसमाजसंस्कृतिसोशल मीडियाहरियाणा

बाबा रामदेव : आयुर्वेद का विरोध और नफरत करने वालों के लिए बेहद निराशा की खबर

आयुष मंत्रालय ने कोरोनिल दवाई से अपना पल्ला झाड़ दिया था जिसके उपरांत बाबा रामदेव को सोशल मीडिया पर काफी ट्रोल किया जा रहा है. जिसके बाद अब बाबा रामदेव ने ट्रोलर्स को जवाब दिया है. बाबा राम देव ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ये आयुर्वेद का विरोध एवं नफरत करने वालों के लिए घोर निराशा की खबर

 

पतंजलि ने कोरोना वायरस के उपचार के लिए कोरोना की दावा कोरोनिल नाम से कल बाजार में उतारी थी. लेकिन इस दवा को उतारने पर बाबा राम देव को चौतरफा हमलों को झेलना पड़ रहा है. यूजर्स बाबा देव को जम कर ट्रोल कर रहे हैं.

आयुष मंत्रालय ने कोरोनिल दवाई से अपना पल्ला झाड़ दिया था जिसके उपरांत बाबा रामदेव को सोशल मीडिया पर काफी ट्रोल किया जा रहा है. जिसके बाद अब बाबा रामदेव ने ट्रोलर्स को जवाब दिया है बाबा राम देव ने ट्वीटर पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ये आयुर्वेद का विरोध एवं नफरत करने वालों के लिए घोर निराशा की खबर.

बता दें कि बाबा रामदेव ने अपने ट्वीट के साथ आयुष मंत्रालय का एक पत्र भी पोस्ट किया है. दरअसल पतंजलि आयुर्वेद के आचार्य बालकृष्ण ने इस मामले में कल (23 जून) को मंत्रालय को एक ख़त लिखा था.

पतंजलि के सीओ आचार्य बालकृष्ण के खत के जवाब में आयुष मंत्रालय ने आचार्य बालकृष्ण को एक पत्र लिखा है. आयुष मंत्रालय द्वारा लिखे गए पत्र में कहा गया है कि उसे दवा के क्लीनिकल ट्रायल से जुड़े सारे दस्तावेज मिल गए हैं. मंत्रालय शोध के नतीजों के सत्यता के लिए इन दस्तावेजों का अध्ययन करेगा.

बता दें कि बाबा रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद की ‘दिव्‍य कोरोना किट’ के विज्ञापन पर आयुष मंत्रालय ने रोक लगा दी थी. जिसमे दावा किया जा रहा है कि कोरोना वायरस कोरोनिल से लड़ने में सहायक साबित हुआ है.

आयुष मंत्रालय ने बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि से दवा के बारे में पूरी जानकारी उपलब्ध कराने की मांग किया है, और पूछा है कि उस अस्‍पताल और साइट के विषय में जानकारी दीजिए, जहां इस दवाई पर रिसर्च हुआ है. वहीं उत्तराखंड सरकार ने इस आयुर्वेदिक दवा कोरोनिल के लाइसेंस आदि के विषय में जानकारी मांगी है.

आयुष मंत्रालय ने इस मामले में दिए गए बयान में कहा कि पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड हरिद्वार की ओर से कोविड 19 के इलाज के लिए तैयार हुई दवाओं के विषय में उसे मीडिया से जानकारी मिली. इस दवाई से जुड़े वैज्ञानिक दावे के अध्ययन और विवरण के विषय में आयुष मंत्रालय को कोई भी जानकारी नहीं है.

Tags
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *