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ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए पीएम मोदी ने लॉन्च किया गरीब कल्याण रोजगार अभियान

125 दिनों तक चलने वाले इस गरीब कल्याण रोजगार योजना के तहत देश के 6 राज्यों के 116 जिलों में गांव वापस पहुंचे कम से कम हर जिले में 25000 प्रवासी श्रमिकों को रोजगार दिया जाएगा. इस योजना के तहत गांव में ही 25 तरह के इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े काम दिए जाएंगे

 

भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने आज (20 जून) बिहार के खगड़िया से शुरुआत की. पीएम मोदी ने दिल्ली में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस योजना को रिमोट के द्वारा बिहार के खगड़िया जिले के ब्लॉक बेलदौर के गांव तेलिहार से लॉन्च किया.

 

 

इस योजना के शुभारंभ के उपरांत पीएम ने देश के गांव और ग्रामीणों के प्रयासों की प्रशंसा की जो कोविड-19 से डट के सामना कर रहे हैं. प्रधानमंत्री ने प्रवासी मजदूरों से बात भी की और गरीबों को सरकार की ओर से निशुल्क राशन मिलने के बारे में भी बात की. साथ ही उन्होंने मजदूरों को आज शुरू किए गए रोजगार अभियान के तहत मिलने वाले फायदों से भी रूबरू कराया और कहा कि इसके द्वारा प्रवासी श्रमिकों को सशक्त बनाने के लक्ष्य का विस्तार से विवरण दिया.

बता दें कि 125 दिनों तक चलने वाले इस गरीब कल्याण रोजगार योजना के तहत देश के 6 राज्यों के 116 जिलों में गांव वापस पहुंचे कम से कम हर जिले में 25000 प्रवासी श्रमिकों को रोजगार दिया जाएगा. इस योजना के तहत गांव में ही 25 तरह के इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े काम दिए जाएंगे, जिसके लिए 50 हजार करोड़ रुपए का बजट एलोकेट किया गया है.

गौरतलब है कि पीएम मोदी द्वारा गांवों में रोजगार का मेगा प्रोग्राम ‘गरीब कल्याण रोजगार अभियान’ लांच करने से पहले पंचायती राज संस्थाओं को 15वें वित्त आयोग के अनुदान की पहली किस्त जारी कर दी गई है. केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को मिली जानकारी के अनुसार, 15वें वित्त आयोग के अनुदान की पहली किस्त के रूप में पंचायतों को 15,187.50 करोड़ रुपये की राशि 28 राज्यों को दी गई है.

प्रधानमंत्री ने श्रमिकों को संबोधित करते हुए कहा, ‘श्रमेव जयते, आप श्रम की पूजा करने वाले लोग हैं, आप सभी को रोजगार चाहिए, इस भावना को सर्वोपरि रखते हुए ही सरकार ने ये अभियान बनाया है, इस योजना को बेहद कम समय में लागू किया है. उन्होंने आगे कहा कि आज का दिन बहुत ऐतिहासिक है. आज गरीब कल्याण के लिए, उसके रोजगार के लिए एक बहुत बड़े अभियान का शुभारंभ हुआ है. ये अभियान हमारे श्रमिक भाई-बहनों व हमारे गांवों में रहने वाले नौजवानों-बहनों-बेटियों को समर्पित है.

इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश के उन्नाव की खबर पर बात करते हुए कहा कि इस काम की प्रेरणा हमे मजदूरों से मिली है. लॉकडाउन के दौरान क्वारंटाइन किए गए उज्जैन स्कूल में प्रवासी श्रमिकों ने अपनी कुशलता का परिचय दिया और स्कूल की रंगाई पुताई कर आकर्षक बना दिया. पीएम ने कहा कि क्वारंटाइन में रह रहे श्रमिकों का यह काम मुझे बहुत प्रेरणा दिया. पीएम ने कहा कि शहरों की तरह ही गांव में सस्ता और तेज इंटरनेट जरूरी है. हर गांव में पंचायत घर बनेंगे गांवों में इंटरनेट की रफ़्तार बढ़ाने के लिए भी काम होगा क्योंकि पहली दफ़ा शहरों से अधिक गांवों में इंटरनेट का प्रयोग हो रहा है.

इस दौरान पीएम ने एक प्रवासी महिला की लॉकडाउन के दौरान दिल्ली से गांव लौटने के बारे में पूछा तो महिला ने मधुमक्खी पालन का रोजगार शरू करने की इच्छा जाहिर की तो प्रधानमंत्री बहुत खुश हुए. उन्होंने सबसे पूछा कि मेरे से कोई शिकायत हो तो बताएं. इस तरह प्रधानमंत्री बहुत से श्रमिकों से बात किये.

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