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जब देश के नेता ही अधूरी जानकारी पर बयान देते हैं , ऐसे में जनता तो पथ भ्रमित होगी ही

आजकल देश में ऐसा ही कुछ देखने को मिल रहा है. जहां छोटी से छोटी बात का बतंगड़ बनाया जा रहा है.

देश में चल रहे हलचल के बीच इन दिनों छोटी से छोटी बात का इतना बड़ा बवाल बनाया जा सकता है इस की हम कल्पना भी नहीं कर सकते. जेएनयू में छात्रों के साथ हुई हिंसा के मुद्दे से भटक कर लोग अब इस बात पर ज्यादा ध्यान केंद्रित कर रहे हैं कि कौन नेता – अभिनेता किस पार्टी के पक्ष या विपक्ष में बोल रहा है और उनको किस तरह से ट्रोल कर नीचा दिखाया जा सकता है.

उल्लेखनीय है कि अपनी फिल्म छपाक के प्रमोशन के लिए दिल्ली में ही मौजूद दीपिका पादुकोण ने जेएनयू हिंसा में घायल छात्र-छात्राओं से मिलने जेएनयू कैंपस गई जहां वे करीब 10 मिनट रुकीं. वहीं दीपिका के जेएनयू दौरे के बाद सोशल मीडिया पर #BoycottChhapaak ट्रेंड करने लगा. कई सोशल मीडिया यूजर्स ने दीपिका के प्रदर्शन में शामिल होने की निंदा की है. भाजपा नेता तेजिंद्र सिंह बग्गा ने ट्वीट कर फिल्म छपाक का बहिष्कार करने की बात कही. उन्होने कहा कि, ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग और अफजल गैंग का समर्थन करने पर अगर आप दीपिका पादुकोण की फिल्मों का बहिष्कार करेंगे, तो रीट्वीट करें

यह सब हम आपको इसलिए बता रहे हैं कि आगे की बात जानने के लिए पूरे वाकया से अवगत होना जरूरी है. आपको बता दे कि दीपिका ने जेएनयू दौरे के दौरान किसी भी पार्टी के पक्ष या विपक्ष पर नहीं कहा. उन्होंने वहां छात्रों पर की गई हिंसा की आलोचना की. लेकिन कुछ लोगों को यह बात हजम नहीं हुई और चल दिए फिल्म छपाक का बहिष्कार करने.

बॉलीवुड पर हिंदू विरोधी होने का आरोप

इसके साथ ही दीपिका के जेएनयू दौरे का विरोध करने वाले बीजेपी नेता के साथ सोशल मीडिया यूजर्स एक नया किस्सा लेकर आ गए कि फ़िल्म छपाक में एसिड अटैक करने वाले शख्स का नाम ही नहीं धर्म परिवर्तन कर दिया गया. फिल्म में उस शख्स का नाम नदीम खान से राजेश रख दिया गया. यह हिंदू धर्म को बदनाम करने की एक कोशिश है. ऐसा उनका आरोप है. लगातार बॉलीवुड पर हिंदू विरोधी होने का आरोप लगाने लगे. लेकिन क्या यह सच है?

वो कहते हैं ना अधूरी जानकारी खतरे से कम नहीं होती. आजकल देश में ऐसा ही कुछ देखने को मिल रहा है. जहां छोटी से छोटी बात का बड़ा बतंगड़ बनाया जा रहा है. खैर अब आपको सच बता ही देते हैं. दरअसल हकीकत यह है कि फिल्म में एसिड फेंकने वाले का नाम राजेश नहीं बल्कि बशीर खान उर्फ बब्बू है. फिल्म में नाम की मदद से एसिड फेंकने वाले शख्स का धर्म बदलने की बात पूरी तरह से गलत है.

समस्या यह है कि आजकल सोशल मीडिया इतना ट्रेंड में चल रहा है कि नेता जो कुछ भी पोस्ट कर देते हैं जनता मामले की सच्चाई जाने बिना आंख मूंद कर उस पर विश्वास कर लेती है. वहीं वे लोग उस बात को इस हद तक वायरल कर देते हैं कि मीडिया का मामले की छानबीन कर सच्चाई का पता लगाना जरूरी हो जाता है. आश्चर्य तो इस बात पर है कि देश के एजुकेटेड युवा वर्ग भी इस भीड़ में शामिल हो रहे हैं तो हम अनपढ़ लोगों से क्या उम्मीद रख सकते हैं. खैर आप लोगों से विनती है कि आगे से इस प्रकार का कोई भी मामला सोशल मीडिया पर ट्रेंड होता है तो पूरी जानकारी के बाद ही उसे आगे शेयर करें .

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