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छपाक किसी कन्हैया कुमार पर नहीं बल्कि एसिड अटैक सरवाइवर लक्ष्मी अग्रवाल की लाइफ पर आधारित है

दीपिका ने वहां छात्रों पर की गई हिंसा की आलोचना की और जब एबीवीपी का दावा है कि उन्होंने हिंसा नहीं की फिर बीजेपी नेता इस पर क्यों इतना तिलमिला रहे हैं.

जेएनयू कैंपस में हुई हिंसा के विरोध में जहां देश भर की जनता एकजुट होकर प्रदर्शन कर रही हैं वहीं बॉलीवुड के तमाम दिग्गज कलाकार भी छात्रों के समर्थन में और उनके साथ हुई हिंसा के विरोध में ट्विट कर अपना मत प्रकट कर रहे है. बॉलीवुड अभिनेताओं में स्वरा भास्कर, शबाना आजमी, मोहम्मद जीशान अयूब एवं तापसी पन्नू और फिल्मकारों अर्पणा सेना एवं हंसल मेहता ने जेएनयू में हिंसा की निंदा की है और दिल्ली पुलिस से हस्तक्षेप करने की अपील की है.

इन दिनों अपनी फिल्म छपाक के प्रमोशन के लिए दिल्ली में ही मौजूद दीपिका पादुकोण ने भी जेएनयू के छात्र-छात्राओं का समर्थन किया है.फिल्म के प्रमोशनल इवेंट के बाद दीपिका ने जेएनयू का दौरा किया और वहां स्टूडेंट्स से मुलाकात की.

हिंसा की आलोचना करना किसी पक्ष या विपक्ष  पर बोलना नहीं होता

दीपिका पादुकोण जेएनयू कैंपस में करीब 10 मिनट रुकीं. इस दौरान जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार भी वहां मौजूद दिखे. वह भी वहां छात्रों के साथ नारेबाजी कर रहे थे. दीपिका पादुकोण ने इस दौरान हमले में घायल हुईं जेएनयू छात्रसंघ की अध्यक्ष आइशी घोष से मुलाकात की. दीपिका पादुकोण की फिल्म छपाक की बात करे तो ये एसिड अटैक सर्वाइवर लक्ष्मी अग्रवाल की लाइफ पर आधारित है.  दीपिका इस फिल्म में मालती नामक लड़की का किरदार निभा रही हैं. जो एसिड अटैक का शिकार हो जाती है.  दीपिकाके साथ विक्रांत मेस्सी इस फिल्म में अहम भूमिका निभा रहे हैं. दीपिका पादुकोण का जेएनयू कैंपस आना या छात्रों को सांत्वना देना विपक्षी पर्टियों को प्रमोशनल स्टंट लग सकता हैं लेकिन पिछले कई दिनों से हम ये देख रहे हैं कि जो भी सेलेब्रिटी इन छात्रों के समर्थन में खड़ा हो रहा हैं विपक्ष उन पर ऐसा लांछन लगा रहे हैं.

जेएनयू प्रदर्शन में शामिल होने के बाद सोशल मीडिया पर #BoycottChhapaak ट्रेंड करने लगा. कई सोशल मीडिया यूजर्स ने दीपिका के प्रदर्शन में शामिल होने की निंदा की है. भाजपा नेता तेजिंद्र सिंह बग्गा ने ट्वीट कर दीपिका पादुकोण और उनकी फिल्म छपाक का बहिष्कार करने की बात कही. उन्होने कहा कि, ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग और अफजल गैंग का समर्थन करने पर अगर आप दीपिका पादुकोण की फिल्मों का बहिष्कार करेंगे, तो रीट्वीट करें

ये थोड़ा हास्यास्पद है क्यों कि बीजेपी नेता ये भूल रहे है फ़िल्म छपाक किसी कन्हैया कुमार पर नहीं बल्कि एसिड अटैक सर्वाइवर लक्ष्मी अग्रवाल की लाइफ पर आधारित है . यहीं होता है जब नेता अंध भक्ति में चूर होकर किसी का भी विरोध करने लगते है. शायद भाजपा नेता दीपिका के दस मिनट के जेएनयू दौरे का पूरा वीडियो नहीं देख पाए तभी इस प्रकार की टिप्पणी कर रहे हैं. दीपिका ने जेएनयू दौरे के दौरान किसी भी पार्टी के पक्ष या विपक्ष पर नहीं कहा. उन्होंने वहां छात्रों पर की गई हिंसा की आलोचना की और जब एबीवीपी का दावा है कि उन्होंने हिंसा नहीं की फिर वे इस पर क्यों इतना तिलमिला रहे हैं.

जनता के समर्थन में खुलकर आ रहे हैं अभिनेता

आमतौर पर पहले हम ऐसा देखते थे कि फिल्मी दुनिया के सितारे राजनीति के मामले पर कुछ भी बोलने परअपने सवालों पर कन्नी काट जाते या, ‘चुप रहने में ही भलाई है’ के आलस्य में छिपे रहते. अपनी राजनीतिक समझ से सरेआम इनकार कर देना, ख़ुद को अराजनीतिक बता देना और सबसे बढ़कर खुलकर अपनी राय न ज़ाहिर कर पाने की कुलबुलाहट ऐसा हम उनके व्यवहारों में देखते थे. लेकिन बीते कई हफ्तों से देश में चल रही हलचल चाहे जामिया छात्रों के साथ हिंसा की बात हो या फिर जेएनयू छात्रों पर हमले की बात हो या फिर देश बड़े स्तर पर सीएए के विरोध में सड़कों पर उतर कर अपने विचार प्रकट करने की बात हो , ये अभिनेता खुल कर जनता के समर्थन में सामने आ रहे हैं. हालांकि इस दौरान उनको काफी ट्रोल भी किया जा रहा लेकिन वे राष्ट्र के मुद्दे पर अपनी राय रखने में ज़रा भी संकोच नहीं कर रहे.

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